Uttar Pradesh Information Commission

  FAQs

राज्य लोक सूचना अधिकारी द्वारा आवेदक को लिखित रूप में सूचित किया जायेगा कि वाँछित दस्तावेज, डिस्केट, फ्लापी या काम्पैक्ट डिस्क में मॉगी गई सूचना के लिये उन्हें कितना अतिरिक्त शुल्क जमा करना होगा।

  • आवेदन प्राप्ति की तिथि के 30 दिनों के अन्दर राज्य लोक सूचना अधिकारी को सूचना उपलब्ध करानी होगी।
  • अगर सूचना जीवन एवं स्वतंत्रता से संबंधित है तो आवेदन प्राप्ति के 48 घंटों के अंदर राज्य लोक सूचना अधिकारी द्वारा ऐसी सूचना प्रदान की जायेगी।
  • परन्तु यदि आवेदक के द्वारा आवेदन सहायक लोक सूचना अधिकारी को दिया गया है तो उन्हें 30+5=35 दिनों में सूचना मिलेगी।
  • यदि सूचना तीसरे पक्षकार से संबंधित है तो सूचना देने के लिए समय सीमा 40 दिनों की है।

सूचना देने के लिए अतिरिक्त शुल्क की मांग की तिथि से आवेदक द्वारा अतिरिक्त शुल्क जमा करने की तिथि तक की अवधि की गणना 30 दिनों की समय-सीमा में सम्मिलित नहीं की जाएगी। अर्थात अतिरिक्त शुल्क की मॉग करने की तिथि से अतिरिक्त शुल्क जमा करने की तिथि तक यदि 15 दिन का समय लग जाता है तो आवेदक को सूचना 30+15=45 दिनों में दी जाएगी।

गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले व्यक्ति केा निःशुल्क सूचना उपलब्ध कराई जायेगी। अतिरिक्त शुल्क भी उनसे नहीं लिया जायेगा इसके लिये उन्हें बी0पी0एल0 प्रमाण पत्र की प्रति आवेदन के साथ संलग्न करना होगा।

अतिरिक्त शुल्क के आदेश के विरूद्व प्रथम अपील लोक प्राधिकरण के प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए।

ऐसी परिस्थिति में राज्य लोक सूचना अधिकारी संबंधित लोक प्राधिकरण जिसके पास सूचना उपलब्ध है, को आवेदन अंतरित कर देगें और आवेदन अंतरित करने की सूचना आवेदक को भी देंगे।

ऐसी स्थिति में राज्य लोक सूचना अधिकारी अपने लोक प्राधिकरण के पास उपलब्ध सूचना उपलब्ध करायेगें तथा ऐसी सूचना जो कि अन्य लोक प्राधिकरण से संबंधित है उक्त सूचना आवेदक को प्रदान करने के लिये अन्य लोक प्राधिकरण को अंतरित कर देगें एवं अन्तरण की सूचना आवेदक को भी दी जायेगी।

उ0प्र0 सूचना का अधिकार नियमावली 2015 के नियम-4(5) के प्राविधानों के अनुसार यदि मॉगी गई सूचना का अंशतः या पूर्णतः भाग दो या दो से अधिक लोक प्राधिकरणों द्वारा धारित है तो राज्य लोक सूचना अधिकारी सूचना हेतु किये गये अनुरोध को ऐसे लोक प्राधिकरणों को अंतरित नहीं करेगें और आवेदक को यह परामर्श देगें कि वह मॉगी गई सूचना के लिये अलग अलग आवेदन संबंधित लोक प्राधिकरणों से करें और राज्य लोक सूचना अधिकारी अपने लोक प्राधिकरण के पास उपलब्ध सूचना आवेदक को देगें।

निर्धारित समय सीमा व्यतीत होने के बाद आवेदक को सूचना निःशुल्क दी जायेगी।

सामान्यतः जिस प्रारूप में सूचना मांगी गई हो उसी प्रारुप में दी जाएगी, लेकिन संसाधनों की कमी या अभिलेखों की सुरक्षा या रख-रखाव पर खतरा हो तो लोक सूचना अधिकारी मांगे गये प्रारुप में सूचना देने को बाध्य नहीं होंगें।