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Uttar Pradesh Information Commission

  FAQs

सूचना का अधिकार अधिनियम 15 जून, 2005 को बना। 15 जून, 2005 को ही भारत के राष्ट्रपति के द्वारा इसको स्वीकृति प्रदान की गई।

यह अधिनियम जम्मू और कश्मीर राज्य को छोड़कर पूरे देश में लागू है।

जम्मू और कश्मीर को संविधान के तहत विशेष दर्जा प्राप्त है। जम्मू और कश्मीर के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम 2004 लागू है, इसलिए सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 वहां लागू नहीं है।

सूचना का अधिकार अधिनिमय 12 अक्टूबर, 2005 से लागू है।

सूचना का अर्थ होता है किसी लोक प्राधिकरण के पास उपलब्ध कोई भी सामग्री किसी रूप में, यथा अभिलेख, दस्तावेज, ई-मेल, परिपत्र, मंतव्य, ज्ञाप, परामर्श, प्रेस रिलीज, आदेश, लॉग बुक, अनुबंध, रिपोर्ट, नमूना, मॉडल, किसी भी इलेक्ट्रानिक रूप में आंकडे़। इसके अतिरिक्त किसी निजी निकाय के पास उपलब्ध उपयुक्त सामग्री यदि किसी कानून के तहत लोक प्राधिकरण को प्राप्य हो तो वह भी सूचना की परिभाषा में आता है।

सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचना का अधिकार का अर्थ है किसी लोक प्राधिकरण के पास उपलब्ध कोई भी सूचना आम नागरिकों को पाने का अधिकार। नागरिकों के इस अधिकार के तहत कोई व्यक्ति:

  • किसी कृति, दस्तावेज एवं अभिलेख का निरीक्षण कर सकता है।
  • किसी अभिलेख या दस्तावेज का कोई भाग नोट कर सकता है या किसी दस्तावेज या अभिलेख की अभिप्रमाणित प्रति ले सकता है।
  • किसी कार्य में उपयोग में लाये जा रहे किसी साम्रगी का प्रमाणित नमूना प्राप्त कर सकता है।
  • इसके अलावा फ्लापी, टेप, वीडियो कैसेट, सी0डी0 पेन ड्राइव या किसी अन्य इलेक्ट्रानिक रीति या प्रिंट आउट के द्वारा भी सूचना प्राप्त कर सकता है।

भारत के प्रत्येक नागरिक को सूचना प्राप्त करने का अधिकार है।

ऐसे सभी लोक प्राधिकरण या निकाय या स्वशासित संस्था जो संविधान या संसद या राज्य विधान मण्डल द्वारा बनाये गये किसी अन्य विधि के द्वारा स्थापित या निर्मित हो। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा जारी अधिसूचना द्वारा स्थापित या गठित प्राधिकरण, निकाय एवं स्वाशासित संस्था को लोक प्राधिकरण कहते हैं जिनका स्वामित्व सरकार के पास हो और जो सरकार द्वारा नियंत्रित हो और जिसमें सरकार की धनराशि लगी हो। गैर सरकारी संगठन जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप में पूर्णतया सरकार द्वारा वित्त पोषित कोई अन्य निकाय भी लोक प्राधिकरण है। इस प्रकार लोक प्राधिकरण की परिभाषा बहुत व्यापक है।

सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत के क्रियाकलापों एवं उससे संबंधित किसी भी सूचना की मांग करने का अधिकार नागरिकों को है।

नागरिकों को जिला परिषद, पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायतों से संबंधित सूचना की मांग करने का अधिकार इस अधिनियम के अन्तर्गत् प्राप्त है।

इस अधिनियम के तहत भारत सरकार या राज्य सरकार के नियंत्रणाधीन ऐसे सभी संस्थाओं से सूचना मांगने का अधिकार नागरिक को है।